उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना दिनांक 09 अक्टूबर 1976 को की गई थी | प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र की परिवर्तनशील प्रकृति से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों एवं समस्याओं का सामना करने हेतु, बैंक के व्यवसायिक क्रियाकलापों में वृद्धि एवं बैक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु बैंक कार्मिकों को प्रशिक्षित करना है|

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       प्रशिक्षण केंद्र पर नाबार्ड द्वारा जारी SOFTCOB गाइडलाइंस के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है| प्रशिक्षण कार्यक्रमों हेतु विषयवस्तु का निर्धारण शाखाओं से प्राप्त फीडबैक (TNA), प्रतिभागियों के सुझाव एवं प्रतिपृष्टि तथा बैंक प्रबंधन के निर्देशों के अनुरूप पाठ्यक्रम समिति द्वारा किया जाता है| स्थापना के उपरान्त से प्रशिक्षण केंद्र सतत बैक के विभिन्न स्तर के कार्मिकों एवं बैंक शाखाओं के शाखा प्रतिनिधियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षित करता रहा है|

      प्रशिक्षण केंद्र पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति निर्धारित मानकों के अनुरूप नाबार्ड द्वारा की जाती है| नाबार्ड द्वारा प्रशिक्षण केंद्र की लाइब्रेरी हेतु भी निर्धारित मानकों के अनुरूप वित्तीय सहायता दी जाती है| इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्र के विशिष्ट मदों के पूंजीगत खर्च हेतु भी नाबार्ड पृथक रूप से वित्तीय सहायता प्रदान करता है| प्रशिक्षण केंद्र के संकाय सदस्यों को सी.पेक बर्ड द्वारा 'सर्टीफाईड ट्रेनर फॉर फ़ाईनेंसियल कोआपरेटिव' (CTFC) कोर्स में प्रशिक्षित भी किया गया है|

      प्रशिक्षण केंद्र की आधारभूत सुविधाओं में स्वयं का भवन, कार्यालय, आडियो-विजुअल प्रशिक्षण सुविधाओं सहित दो व्याख्यान कक्ष, कम्प्युटर लैब, वाचनालय सहित लाइब्रेरी, महिला एवं पुरुष छात्रावास, मेस आदि शामिल हैं|

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      उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण केंद्र को सी-पेक, बर्ड द्वारा मान्यता (Accreditation) प्रदान की गई है, जिसकी पुनर्मान्यता (Reaccreditation) समय समय पर होती रही है| प्रशिक्षण केंद्र के अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप उक्त पुनर्मान्यता (Reaccreditation) सितम्बर-2020 में पुनः 3 वर्ष के लिये प्रदान की गई है|

वर्ष संचालित कार्यक्रमों की संख्या प्रतिभागी प्रशिक्षार्थियों की संख्या सृजित प्रशिक्षार्थी दिवसों (Trainee Days) की संख्या
2015-16 68 1588 9128
2016-17 64 1474 8108
2017-18 87 2098 9158
2018-19 77 1727 8158
2019-20 17 441 1886
2020-21 24 460 2222

      विगत दो वर्षों में कोविड -19 तथा अन्य कारणों से प्रतिभागी कार्मिकों की संख्या में कमीं आई है, किन्तु इसी अवधि में नवनियुक्त सहायक आयुक्त तथा सहायक निबंधक एवं जिला लेखा परीक्षा अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने का कार्य भी किया गया है|

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      भविष्य में प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अपनी आधारभूत सुविधाओं का उपयोग करते हुए बैंक की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किये जाने की योजना है| आवश्यकतानुसार संसाधनों को विकसित कर दूसरे संस्थानों के कार्मिकों का प्रशिक्षण, कम्प्यूटर प्रशिक्षण आदि कार्यक्रमों के संचालन की भी योजना है|