ऋण प्राप्त करने के लिये लाभार्थियों से सम्बन्धित निम्न औपचारिकताओं की पूर्ति करने होती हैः-

1- प्रत्येक शाखा पर उपलब्ध प्रार्थना-पत्र, जो कि 200/रू0 में उपलब्ध होता है, भरकर एवं कृषक का फोटो ग्राम प्रधान तथा पत्रावली तैयार कर्ता जैसे ग्राम पंचायत/ग्राम विकास अधिकारी/बैंक के सहायक/फील्ड आफीसर दोनो  के द्वारा हस्ताक्षर प्रमाणित कराने के उपरान्त जमा करना होता है।

2- नवीनतम खसरा एवं खतौनी किसारी बही, आकार पत्र, 5,11,23 अथवा 45 की प्रमाणित नकल एवं शाखा प्रबन्धक के समक्ष बकाया न होने  का शपथ पत्र ।

3- प्रार्थना पत्र पर ग्राम प्रधान व पत्रावली तैयार कर्ता द्वारा एक फोटो प्रमाणित कराकर चस्पा की जाती है एवं फोटो पासबुक के लिये शाखा को प्राप्त करानी होती है।

4- ऋण प्रार्थना पत्र के साथ 100/- (एक सौ रूपये) प्रति अंश की दर से न्यूनतम 10 अंशो का अग्रिम अंशधन 1000/- जमा करना होगा।

5- 3/-रूपये मात्र का एक प्रवेश शुल्क ।

6- प्रति सहभागीदार यदि कोई हो, 3/-रूपये नाममात्र सदस्यता शुल्क भी जमा करना होता है।

ऋण वितरण प्रक्रिया

     बैंक के ऋण प्रार्थना -पत्र के फील्ड स्टाफ द्वारा अथवा शासकीय विभागो के अधिकृत कर्मचारियो द्वारा तैयार किये जाते है। वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार कृषक को ऋण प्रार्थना-पत्र, आवश्यक्तानुसार दो अथवा चार प्रमाणित फोटो तथा बैंक के अतिकृत भार-मुक्त प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने वाले पैनल अधिवक्ताओं के माध्यम से खसरा-खतौनी प्राप्त करने हेतु निर्धारित प्रारूप पर शाखा-प्रबन्धक को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होता है, जिस प्रार्थना पत्र पर शाखा प्रबन्धक द्वारा सम्बन्धित अधिवक्ता से वॉंछित नकले तीन दिन के अन्दर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाता है। अधिवक्ता से खसरा खतौनी प्राप्त होने के उपरान्त प्रार्थी से प्राप्त प्रपत्र एवं फोटो पत्रावली तैयार करने वाले कर्मचारी को शाखा प्रबन्धक द्वारा सौप दिये जाते है। सम्बन्धित कर्मचारी बैंक निर्देशो के अनुरूप राजस्व अभिलेखो का मूल अभिलेखों का मिलान फोटो प्रमाणीकरण, स्थानीय जॉंच करते है तथा पत्रावली में टेक्निकल एवं अप्रेजल रिपोर्ट संलग्न करते है। फोटो का प्रमाणीकरण पत्रावली तैयार करने वाले के अतिरिक्त ग्राम प्रधान, बी0डी0ओ0, ब्लाक प्रमुख से भी कराया जाना आवश्यक है। आर्थिक अप्रेजल व सत्यापन जॉंच रिपोर्ट में भूमि का मूल्यांकन एवं ऋण क्षमता प्रधान कार्यालयके निर्देशों के अनुरूप आंकी जाती है। भूमि पर आधारित उद्देश्यों हेतु वृद्धोन्मुख आय के आठ गुना मूल्यांकन तथा मूल्यांकन का 50 प्रतिशत ऋण क्षमता आंकी जाती है, जिन कार्यो के लिए भूमि न्यूनतम सीमा निर्धारत नही है, उनमें सम्बन्धित जिलाधिकारी द्वारा निर्धारत किये गये भूमि मूल्य को आधार मानकर दो गुने मूल्य की भूमि बन्धक की जायेगी तथा मूल्यांकन का 50 प्रतिशत ऋण क्षमता होगी। वर्तमान में कृषक से अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त नही किये जाते है, किन्तु शाखा प्रबन्धक के समक्ष कृषक द्वारा इस आशय का शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाता है कि उसने किसी अन्य वित्तीय संस्था से ऋण प्राप्त नही किया है। पत्रावली शाखा में जमा होने के पश्चात शाखा प्रबन्धक द्वारा निर्धारत प्रारूप पर ऋण प्रार्थना पत्र का संक्षिप्त उद्धरण अंकित किया जाता है। तत्पश्चात किसी प्रारूप पर प्रबन्धक(विधि) द्वारा पत्रावली की विधिक संनिरीक्षा की जाती है। पत्रावली स्वीकृत पाये जाने की दशा में शाखा प्रबन्धक की संस्तुति सहित शाखा प्रबन्ध समिति के सम्मुख रखी जाती है। शाखा स्तर पर ऋण स्वीकृत करने की अधिकतम सीमा रू0 5.00 लाख है, इससे अधिक धनराशि के प्रार्थना पत्र मुख्यालय स्तर पर स्वीकृत होते है। स्वीकृति के पश्चात रजि0 डाक द्वारा कृषक को ऋण स्वीकृति पत्र निर्गत किया जाता है। ऋण स्वीकृति  पत्र की शर्तो के पूर्ण होने एवं डीड राइटर फीस प्रशासनिक जमा हो जाने के उपरान्त बन्धक पत्र का निष्पादन बैंक शाखा पर ही कृषक द्वारा किया जाता है। बन्धक पत्र निष्पादन  के अगले दिन तक की अवधि का पिछले 12 वर्षो  से भारमुक्त प्रमाण-पत्र पैनल अधिवक्ता द्वारा प्रदान किया जाता है। जमीन भारमुक्त पाये जाने की स्थिति में सम्बन्धित योजना के निर्देशों के अनुसार ऋण वितरण किया जाता है।

     बैंक द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना भी लागू की गयी है।

दुर्बल वर्ग को विशेष सुविधायें:-

1-  लघु एवं सीमान्त कृषको से 6 प्रतिशत के स्थान पर 5 प्रतिशत अंशधन लिया जाता है।

2-  प्रशासनिक शुल्क स्वीकृत ऋण के 0.50 प्रतिशत की दर से न्यूनतम रू0 250/- व अधिकतम रू0 500/- लिया जाता है।

3-  लघु सीमान्त कृषको की प्रतिभूति कम होने की दशा में संयुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है।

4-  शासन की योजनाओं में प्राप्त अनुदान कृषको के खातो में नियमानुसार समायोजित कर दिया जाता है।